परिचय:
आयुर्वेद में उंबर के नाम से जाना जाने वाला गूलर का पेड़ ( फिकस कैरिका ) अपनी छाल और फल के लिए प्रसिद्ध है। उंबर चाल घनवटी से प्रेरित ये पारंपरिक घरेलू उपचार पाचन, संतुलन और स्फूर्ति को बढ़ावा देने के लिए सरल हर्बल विधियों का उपयोग करते हैं।
शीर्ष 5 उपाय:
- गूलर की छाल का काढ़ा (क्वाथ): गूलर की छाल के टुकड़ों को पानी में उबालें, छान लें और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने के लिए इसे गर्म करके पिएं।
- आंवला और गूलर का मिश्रण: कायाकल्प को बढ़ावा देने के लिए आंवला पाउडर को गूलर की छाल के पाउडर के साथ मिलाएं।
- शहद के साथ गुड़ की छाल का पेस्ट: परंपरागत रूप से पाचन क्रिया को सुचारू बनाने के लिए उपयोग किया जाता है।
- गर्म अंजीर का पानी: सूखे अंजीर को रात भर पानी में भिगोकर रखें और सुबह इसे पी लें। इससे शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद मिलती है।
- गूलर के पत्तों का काढ़ा: पत्तों को पानी में उबालें और हल्की ताजगी के लिए धीरे-धीरे पिएं।
मुख्य लाभ:
- पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है
- संतुलन और स्फूर्ति को बढ़ावा देता है
- सौम्य, प्राकृतिक विषहरण
- आयुर्वेद के समय-सिद्ध ज्ञान पर आधारित
उंबर चाल के लाभ
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