परिचय:
आयुर्वेद में वृद्धिवाधिका वटी का मूल सिद्धांत शक्ति, स्फूर्ति और आंतरिक संतुलन बनाए रखना है। इसी दर्शन से प्रेरित होकर, यहां कुछ आसान घरेलू उपचार दिए गए हैं जो प्राकृतिक रूप से स्वास्थ्य को बढ़ावा देते हैं।
शीर्ष 5 उपाय:
- घी के साथ गर्म दूध: आंतरिक शक्ति के लिए एक आजमाया हुआ टॉनिक।
- त्रिफला चाय: संतुलन बनाए रखने और प्राकृतिक रूप से विषाक्त पदार्थों को शरीर से बाहर निकालने में सहायक होती है।
- अदरक और तुलसी का काढ़ा: स्फूर्ति और आराम प्रदान करता है।
- अश्वगंधा दूध: शक्ति और संतुलन के लिए एक स्फूर्तिदायक पेय।
- तिल के तेल से मालिश: ऊर्जा प्रवाह और विश्राम को बढ़ावा देती है।
मुख्य लाभ:
- स्फूर्ति और कायाकल्प को बढ़ावा देता है
- शरीर के संतुलन को बनाए रखने में सहायक
- समग्र स्वास्थ्य को बढ़ाता है
- 100% प्राकृतिक और आयुर्वेदिक
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