परिचय:
बबूल की छाल आयुर्वेद में मुंह और त्वचा के स्वास्थ्य के लिए सबसे भरोसेमंद जड़ी बूटियों में से एक है। यहां कुछ सरल पारंपरिक उपचार दिए गए हैं।
उपचार:
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दांतों और मसूड़ों के लिए:
– बबूल की छाल के पाउडर को थोड़े से सेंधा नमक के साथ मिलाकर दांतों के पाउडर के रूप में इस्तेमाल करें। -
मुख स्वच्छता के लिए (लोकप्रिय उपयोग):
– छाल को पानी में उबालें और कुल्ला करने के लिए इसका प्रयोग करें। -
त्वचा की चमक के लिए:
– पाउडर को मुल्तानी मिट्टी और गुलाब जल के साथ मिलाकर पैक के रूप में लगाएं। -
बालों की देखभाल के लिए:
– इसे मेहंदी के साथ मिलाकर सिर की त्वचा पर लगाएं, इससे सिर की त्वचा को प्राकृतिक मजबूती मिलेगी। -
कटने-फटने और छोटे-मोटे अनुप्रयोगों के लिए (लोक):
– छाल का काढ़ा बाहरी रूप से धोने के लिए लगाया जाता है।
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