परिचय:
अभ्रक, या काला अभ्रक, अपने शक्तिवर्धक और शक्तिवर्धक गुणों के लिए आयुर्वेद में सदियों से उपयोग किया जाता रहा है। हालांकि कच्चे अभ्रक का सेवन नहीं किया जाता, लेकिन इसके प्रसंस्कृत रूप (अभ्रक भस्म) का उपयोग आयुर्वेदिक परंपराओं द्वारा निर्देशित कई घरेलू उपचारों में किया जाता है।
अभ्रक भस्म से शीर्ष 5 पारंपरिक उपचार:
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ऊर्जा और स्फूर्ति के लिए:
– शहद में मिला हुआ अभ्रक भस्म परंपरागत रूप से सहनशक्ति बढ़ाने में सहायक माना जाता है। -
पाचन के लिए:
अदरक और काली मिर्च के साथ थोड़ी मात्रा में लेने से पाचन शक्ति बढ़ती है। -
श्वसन सहायता के लिए:
परंपरागत रूप से इसे शहद और तुलसी के रस के साथ प्रयोग किया जाता है। -
कायाकल्प (रसायन) के लिए:
घी और दूध के साथ मिलाकर इसका सेवन रसायन (कायाकल्प करने वाला) माना जाता है। -
सामान्य कमजोरी के लिए:
– परंपरागत रूप से इसे शिलाजीत या अश्वगंधा के साथ मिलाकर एक शक्तिवर्धक टॉनिक के रूप में लिया जाता है।
(अस्वीकरण: ये आयुर्वेद के पारंपरिक उपयोग हैं। उपयोग करने से पहले हमेशा किसी योग्य विशेषज्ञ से परामर्श लें।)
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