परिचय:
अमलतास फली का उपयोग आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा में सदियों से होता आ रहा है। इसके हल्के रेचक और शीतलक गुणों के कारण यह कई भारतीय परिवारों में एक घरेलू नुस्खा है।
घरेलू उपचार:
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कब्ज के लिए:
– फली के गूदे को गर्म पानी में भिगोकर रात में सेवन करें। -
विषहरण के लिए:
– त्रिफला युक्त काढ़ा, शरीर की सफाई के लिए। -
बुखार से राहत के लिए:
– अमलतास के गूदे से तैयार किया गया पारंपरिक काढ़ा। -
त्वचा की देखभाल के लिए:
– गुलाब जल के साथ बाहरी रूप से पेस्ट लगाया जाता है। -
पित्त संतुलन के लिए:
– घी और शहद के साथ मिला हुआ फली का गूदा।
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