परिचय:
अरलू छाल (श्योनका) आयुर्वेद और घरेलू परंपराओं का अभिन्न अंग रही है। आयुर्वेद और लोक चिकित्सा में वर्णित कुछ पारंपरिक उपचार यहां दिए गए हैं।
घरेलू उपचार:
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दोष संतुलन के लिए:
- वात-कफ संतुलन के लिए काढ़े में पाउडर का उपयोग किया जाता है। -
स्फूर्ति के लिए (लोक उपयोग):
– चूर्ण को शहद या घी के साथ लिया जाता है। -
सामान्य स्वास्थ्य के लिए:
आयुर्वेदिक ग्रंथों के अनुसार इसे दूध या गर्म पानी में मिलाकर सेवन करें। -
दशमूल मिश्रण के रूप में:
– पारंपरिक औषधियों में इसे अन्य दशमूल जड़ों के साथ मिलाकर प्रयोग किया जाता है। -
बाह्य उपयोग (लोक):
– इसे तेलों के साथ हर्बल पेस्ट के रूप में मालिश पैक के लिए उपयोग किया जाता है।
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