अरनी मूल (अरणी / अग्निमंथ) के साथ 5 पारंपरिक उपचार

Pure Arni Mool – Arani Root (Clerodendrum phlomidis) Ayurvedic Dashamoola Herb

परिचय:
आयुर्वेद में सदियों से अरनी मूल का महत्व रहा है। यहां लोक उपचार और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में इसके उपयोग के कुछ पारंपरिक तरीके दिए गए हैं।

घरेलू उपचार:

  1. वात संतुलन के लिए:
    – जड़ की जड़ों से बना काढ़ा (काढ़ा) तैयार किया जाता है और इसे गर्म करके पिया जाता है।
  2. शक्ति और स्फूर्ति के लिए (लोकप्रिय उपयोग):
    – पाउडर को शहद या दूध के साथ लें।
  3. दशमूल मिश्रण के लिए:
    – पारंपरिक औषधियों के लिए इसे अन्य दशमूल जड़ों के साथ मिलाकर प्रयोग किया जाता है।
  4. सामान्य स्वास्थ्य के लिए:
    आयुर्वेद के अनुसार घी में मिला हुआ जड़ का पाउडर।
  5. बाह्य अनुप्रयोगों के लिए:
    – लोक परंपराओं में जड़ी-बूटी के तेलों के साथ जड़ का पेस्ट लगाया जाता है।

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