परिचय:
अरनी मूल पाउडर सदियों से आयुर्वेद का हिस्सा रहा है। यहां कुछ पारंपरिक उपचार दिए गए हैं जिनमें इस जड़ी बूटी का उपयोग किया जाता है।
घरेलू उपचार:
-
वात संतुलन के लिए:
– अरनी मूल पाउडर और गर्म पानी से तैयार किया गया काढ़ा। -
शक्ति और स्फूर्ति के लिए (लोकप्रिय उपयोग):
– पाउडर को शहद या गर्म दूध के साथ लें। -
दशमूल बनाने की विधि:
आयुर्वेदिक मिश्रणों में अन्य दशमूल पाउडर के साथ मिलाकर उपयोग किया जाता है। -
पाचन क्रिया में सहायता के लिए (लोक चिकित्सा पद्धति):
घी के साथ थोड़ी मात्रा में सेवन करें। -
बाह्य पैकों के लिए:
– पारंपरिक उपयोगों के लिए पेस्ट तैयार करने हेतु इसे तेल के साथ मिलाया जाता है।
0 टिप्पणी