परिचय:
अरारोट पाउडर का उपयोग भारतीय रसोई और आयुर्वेद में लंबे समय से होता आ रहा है। यहां कुछ पारंपरिक उपचार दिए गए हैं जो इसकी बहुमुखी प्रतिभा को उजागर करते हैं।
घरेलू उपचार:
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पाचन के लिए:
– गर्म पानी और शहद में पाउडर मिलाकर हल्के भोजन के रूप में लिया जाता है। -
शीतलन प्रभाव के लिए:
इसे गर्मियों में दूध या पानी के साथ मिलाकर पेय के रूप में तैयार किया जाता है। -
शिशु आहार के लिए:
– अरारोट का दलिया थोड़ी मात्रा में दिया जाता है (परंपरागत)। -
त्वचा की कोमलता के लिए:
– इसे गुलाब जल के साथ मिलाकर फेस पैक के रूप में लगाया जाता है। -
बेकिंग के लिए:
– केक, कुकीज़ और बिस्कुट में ग्लूटेन-मुक्त आटे के विकल्प के रूप में उपयोग किया जाता है।
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