बकुल चाल (मौलसारी छाल) से 5 पारंपरिक उपचार

Pure Bakul Chaal – Raw Maulsari Bark (Mimusops elengi) for oral care and wellness

परिचय:
आयुर्वेद में सदियों से मुख स्वास्थ्य के लिए बकुल छाल का उपयोग किया जाता रहा है। यहाँ कुछ पारंपरिक घरेलू उपचार दिए गए हैं:

उपचार:

  1. मसूड़ों को मजबूत बनाने के लिए:
    – लौंग के पाउडर के साथ मसूड़ों पर पाउडर लगाया जाता है।
  2. हर्बल गरारे के रूप में:
    – छाल का काढ़ा मुंह धोने के लिए प्रयोग किया जाता है।
  3. टूथ पाउडर के रूप में:
    – मुंह की स्वच्छता के लिए नीम और बबूल की छाल के साथ मिलाकर इस्तेमाल किया जाता है।
  4. सांसों की ताजगी के लिए:
    – लोक पद्धतियों में इलायची के साथ मिश्रित पाउडर का प्रयोग किया जाता है।
  5. पेस्ट (लेपा) के लिए:
    – इसे शहद में मिलाकर मसूड़ों पर बाहरी रूप से लगाया जाता है।

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