अदरक और शहद की चाय: पानी उबालें और उसमें ताज़ा कसा हुआ अदरक डालें। कुछ मिनटों तक इसे ऐसे ही रहने दें, फिर छान लें और शहद मिलाएँ। गले की खराश को आराम देने और कंजेशन से राहत पाने के लिए इस मिश्रण को दिन में कई बार पिएं।
हल्दी वाला दूध: एक कप दूध को गर्म करें और उसमें एक चम्मच हल्दी पाउडर मिलाएं। अच्छी तरह से मिला लें और सोने से पहले पी लें। हल्दी के सूजनरोधी गुण खांसी कम करने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।
भाप से साँस लेना: पानी उबालें और उसे एक कटोरे में डालें। उसमें नीलगिरी या पुदीने के तेल की कुछ बूँदें मिलाएँ। अपने सिर को तौलिये से ढकें और भाप से साँस लें। इससे नाक की जकड़न दूर होती है और साँस लेने में आसानी होती है।
शहद और तुलसी का सिरप: कुछ तुलसी की पत्तियों को मसलकर रस निकाल लें। तुलसी के रस और शहद को बराबर मात्रा में मिला लें। खांसी से राहत पाने और गले को आराम देने के लिए इस सिरप का एक चम्मच दिन में दो से तीन बार लें।
नमक के पानी से गरारे: आधा चम्मच नमक को गुनगुने पानी में मिलाकर दिन में कई बार गरारे करें। नमक का पानी गले की सूजन को कम करने और बैक्टीरिया को नष्ट करने में मदद करता है, जिससे गले की खराश से राहत मिलती है।
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