परिचय:
बिरंजासिफा, जिसे यारो या मिलफॉइल ( अचिलिया मिलेफोलियम ) के नाम से भी जाना जाता है, आयुर्वेद, यूनानी और यूरोपीय हर्बल चिकित्सा पद्धतियों में सदियों से इस्तेमाल होने वाली एक प्रसिद्ध जड़ी बूटी है। यह अपनी सुगंधित कड़वाहट, शुद्धिकरण गुणों और प्राकृतिक उपचार पद्धतियों में अपनी भूमिका के लिए जानी जाती है।
परंपरागत लाभ / फ़ायदे (यहाँ दावे स्वीकार्य हैं):
- घाव भरने और रक्त के थक्के जमने में सहायक माना जाता है
- परंपरागत रूप से पाचन क्रिया में सहायता करने और गैस से राहत दिलाने के लिए उपयोग किया जाता है
- आयुर्वेद में इसका उपयोग शरीर की अतिरिक्त गर्मी (पित्त दोष) को संतुलित करने के लिए किया जाता है।
- सर्दी, खांसी और गले की तकलीफ को कम करने में सहायक।
- महिलाओं के स्वास्थ्य को नियमित करने (मासिक धर्म संतुलन) के लिए लोक उपचारों में इसका उपयोग किया जाता है।
उपयोग विधि (पारंपरिक):
- चाय: सूखे जड़ी-बूटियों को गर्म पानी में भिगोकर गर्म ही पिया जाता है।
- पाउडर के रूप में: शहद या गर्म पानी के साथ थोड़ी मात्रा में लें (मार्गदर्शन के अनुसार)
- पेस्ट: लोक चिकित्सा में इसे छोटे घावों पर बाहरी रूप से लगाया जाता है।
- काढ़ा: इसे पानी में उबालकर विषहरण के लिए सेवन किया जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न अनुभाग:
प्रश्न 1: बिरंजासिफा को अंग्रेजी में क्या कहते हैं?
ए: इसे आमतौर पर यारो या मिलफॉइल के नाम से जाना जाता है।
प्रश्न 2: क्या यारो महिलाओं के लिए सुरक्षित है?
ए: परंपरागत रूप से, इसका उपयोग मासिक धर्म संबंधी स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए किया जाता रहा है। हमेशा विशेषज्ञ की सलाह के तहत ही इसका सेवन करें।
प्रश्न 3: क्या बिरंजासिफा का उपयोग चाय के रूप में किया जा सकता है?
ए: जी हां, आयुर्वेद और यूरोपीय परंपरा में इसे व्यापक रूप से हर्बल काढ़े के रूप में सेवन किया जाता है।
अन्य नामों:
बिरंजसिफा, गंडाना, येरो, मिलफॉइल, अचिलिया मिलफोलियम, बिरंजसफा
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