परिचय:
बिजाबोल पाउडर पीढ़ियों से भारतीय घरों और आयुर्वेदिक उपचारों का एक अभिन्न अंग रहा है। यहां इसके कुछ सबसे आम और प्रभावी उपयोग दिए गए हैं।
पारंपरिक उपचार:
- मौखिक स्वास्थ्य के लिए
- बिजाबोल पाउडर के काढ़े से गरारे करें।
- परंपरागत रूप से मसूड़ों को मजबूत करने और मुंह के छालों को कम करने के लिए इसका उपयोग किया जाता है।
- खांसी और जुकाम के लिए
- बिजाबोल को शहद और अदरक पाउडर के साथ मिलाएं।
- गले की खराश को दूर करने के लिए इसे थोड़ी मात्रा में लिया जाता है।
- घाव भरने के लिए
- हल्दी में बिजाबोल का पेस्ट मिलाकर लगाएं।
- आयुर्वेद में इसका उपयोग छोटे-मोटे घावों और चोटों के इलाज में किया जाता है।
- जोड़ों के दर्द के लिए
- बिजाबोल का काढ़ा थोड़ी मात्रा में लिया जाता है।
- परंपरागत रूप से यह सूजन और अकड़न को कम करने में सहायक माना जाता है।
- महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए
- प्रसवोत्तर स्वास्थ्य लाभ के लिए लोक उपचार में इसका उपयोग किया जाता है।
शरीर को शुद्ध करने और मजबूत बनाने में मदद करता है
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