परिचय:
बिंदाल डोडा एक शक्तिशाली जड़ी बूटी है जिसका उपयोग पारंपरिक रूप से कई घरों में इसके मजबूत औषधीय गुणों के कारण किया जाता है। यहाँ कुछ प्रसिद्ध घरेलू उपचार दिए गए हैं।
पारंपरिक उपचार (3–5):
- बुखार के लिए
- बिंदाल डोडा का काली मिर्च के साथ काढ़ा।
- परंपरागत रूप से यह माना जाता है कि यह बुखार को कम करता है और शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालता है।
- लिवर की सहायता के लिए
- शहद या गर्म पानी में मिलाकर पाउडर बना लें।
- आयुर्वेद में इसका उपयोग लिवर के कार्य को सुचारू रखने के लिए किया जाता है।
- त्वचा संबंधी समस्याओं के लिए
- प्रभावित क्षेत्रों पर बाहरी रूप से पेस्ट लगाया जाता है।
- परंपरागत रूप से यह माना जाता है कि इससे खुजली और चकत्ते से राहत मिलती है।
- पाचन के लिए
- छाछ के साथ थोड़ी मात्रा में पाउडर।
- पाचन क्रिया में सुधार और गैस से राहत दिलाने का लोक उपचार।
- श्वसन संबंधी राहत के लिए
- तुलसी और अदरक का काढ़ा।
- खांसी और सीने में जकड़न के इलाज के लिए पारंपरिक घरेलू उपयोग में लाया जाता है।
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