बोरसाली बीज (बकुल बीज/मौलसारी) से घरेलू उपचार

“Pure Borsali Seeds (Bakul Beej / Maulsari / Mimusops elengi) – raw Ayurvedic seeds traditionally used in Ayurveda, rituals, and folk remedies.

परिचय:
बोरसाली के बीज आयुर्वेद और लोक चिकित्सा में पारंपरिक उपचारों का हिस्सा हैं। यहां बोरसाली के बीजों के कुछ सामान्य घरेलू उपयोग दिए गए हैं।

3-5 उपाय:

  1. मौखिक स्वास्थ्य के लिए
    • लौंग के पाउडर के साथ पिसे हुए बीजों को मिलाकर टूथ पाउडर के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
    • परंपरागत रूप से मसूड़ों को मजबूत करने के लिए उपयोग किया जाता है।
  2. पाचन के लिए
    • थोड़ी मात्रा में बीज का पाउडर शहद के साथ लिया जाता है।
    • लोग इसका इस्तेमाल पेट की तकलीफ को दूर करने के लिए करते हैं।
  3. त्वचा की देखभाल के लिए
    • चंदन के साथ बीजों का पेस्ट लगाया जाता है।
    • यह त्वचा की जलन को शांत करने में सहायक माना जाता है।
  4. श्वसन संबंधी राहत के लिए
    • बीजों और छाल से बना काढ़ा।
    • खांसी और गले की समस्याओं के इलाज के लिए पारंपरिक चिकित्सा में इसका उपयोग किया जाता है।
  5. अनुष्ठानों के लिए
    • मंदिरों में फूलों के साथ बीज भी चढ़ाए जाते हैं।
    • पूजा समारोहों में इसे शुभ माना जाता है।

https://www.everayu.com/products/borsali-seeds-beej-bakul-maulsari

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