परिचय:
काजू के पेड़ की छाल का पाउडर भारतीय घरों में पीढ़ियों से इस्तेमाल होता आ रहा है। यहाँ कुछ पारंपरिक घरेलू उपचार और उपयोग दिए गए हैं:
3-5 उपाय:
- पाचन में सहायक काढ़ा (पारंपरिक उपयोग)
- 5 ग्राम छाल के पाउडर को 200 मिलीलीटर पानी में उबालें, 50 मिलीलीटर तक कम होने दें और छान लें।
- आयुर्वेद में इसका प्रयोग पाचन टॉनिक के रूप में किया जाता है।
- मुख स्वास्थ्य के लिए (लोक उपचार)
- पाउडर को गुनगुने पानी में मिलाकर गरारे करें।
- परंपरागत रूप से इसका उपयोग मुंह की सफाई के लिए किया जाता है।
- त्वचा की सफाई के लिए
- इसे पानी के साथ मिलाकर पेस्ट के रूप में लगाया जाता है।
- प्राकृतिक रूप से शुद्धिकरण के लिए लोक पद्धति।
- शक्ति और ऊर्जा के लिए
- आयुर्वेदिक मार्गदर्शन में शहद के साथ सेवन करें।
- ऐसा माना जाता है कि यह सहनशक्ति और संतुलन प्रदान करता है।
- अनुष्ठानों के लिए
- ग्रामीण और आयुर्वेदिक परंपराओं में हर्बल मिश्रणों में इसका उपयोग किया जाता है।
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