परिचय:
भारंगी छाल पीढ़ियों से आयुर्वेदिक उपचारों का एक अभिन्न अंग रही है। यहाँ इसके कुछ सरल घरेलू उपयोग दिए गए हैं:
उपचार (पारंपरिक):
- श्वसन संबंधी सहायता काढ़ा: भारंगी छाल को तुलसी और काली मिर्च के साथ उबालकर एक पारंपरिक काढ़ा तैयार करें।
- पाचन मिश्रण: गर्म पानी में अदरक पाउडर के साथ पिसी हुई छाल मिलाएं।
- डिटॉक्स सपोर्ट: नीम और गिलोय के साथ भारंगी छाल का काढ़ा।
- जोड़ों के स्वास्थ्य का उपाय: पारंपरिक उपयोग के अनुसार गर्म दूध में पाउडर मिलाकर सेवन करें।
- हर्बल मिश्रण: संपूर्ण संतुलन के लिए पिप्पली और आंवला पाउडर के साथ मिश्रित।
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