भीलावा के बीजों से बने पारंपरिक उपचार (संसाधित)

Bhilawa Seeds (Bilava / Semecarpus anacardium) – Ayurvedic detox herb raw form.

परिचय:
भीलावा के बीज विषैले होने के कारण घर में सीधे इस्तेमाल नहीं किए जाते। हालांकि, शुद्धिकरण के बाद, वे कई पारंपरिक औषधियों का हिस्सा होते हैं। लोक चिकित्सा और आयुर्वेद पद्धतियों से कुछ उदाहरण यहां दिए गए हैं:

उपचार (पारंपरिक):

  1. पाचन संतुलन: पाचन में सुधार के लिए तैयार किए गए व्यंजनों में प्रसंस्कृत भीलावा को कभी-कभी अदरक के साथ मिलाया जाता है।
  2. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना: रसायन औषधियों में घी और शहद के साथ मिलाकर प्रयोग किया जाता है (विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में)।
  3. जोड़ों के लिए सहायक: आयुर्वेद में वात को संतुलित करने के लिए शुद्ध भीलावा युक्त काढ़े का उपयोग किया जाता है।
  4. त्वचा संतुलन: (डिटॉक्सिफिकेशन के बाद) हर्बल तेलों में मिलाकर बाहरी रूप से लगाया जाता है।
  5. डिटॉक्स: पंचकर्म चिकित्सा में सख्त निगरानी में इसका उपयोग किया जाता है।

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