जोड़ों के दर्द को कम करने के लिए योग की कौन-कौन सी तकनीकें या व्यायाम हैं?

What are yoga techniques or exercises for reducing joint pain? Nutrixia Food

योग एक लोकप्रिय व्यायाम पद्धति है जो जोड़ों के दर्द को कम करने और जोड़ों की गतिशीलता में सुधार करने में सहायक हो सकती है। जोड़ों के दर्द से राहत पाने के लिए आप कुछ भारतीय योगा तकनीकें आजमा सकते हैं:

  1. ताड़ासन (पर्वत मुद्रा):
  • सीधे खड़े हो जाएं, पैर एक साथ रखें और हाथ बगल में रखें।
  • सांस अंदर लें और अपने हाथों को सिर के ऊपर उठाएं, अपने पूरे शरीर को स्ट्रेच करें।
  • कुछ देर तक सांस रोकें और फिर सांस छोड़ते हुए अपनी बाहों को ढीला छोड़ दें और शुरुआती स्थिति में लौट आएं।
  • इसे कई बार दोहराएं।
  • ताड़ासन (पर्वत मुद्रा):
  1. मार्जारियासन (कैट-काउ स्ट्रेच):
  • अपने हाथों और घुटनों के बल बैठें, अपनी कलाइयों को सीधे अपने कंधों के नीचे और अपने घुटनों को सीधे अपने कूल्हों के नीचे रखें।
  • सांस अंदर लें और अपनी पीठ को झुकाएं, अपनी टेलबोन और सिर को छत की ओर उठाएं (गाय मुद्रा)।
  • सांस छोड़ें और अपनी रीढ़ को गोल करें, अपनी ठुड्डी को अपनी छाती से लगाएं और अपने पेट को अपनी रीढ़ की ओर खींचें (बिल्ली की मुद्रा)।
  • इसे कई बार दोहराएं, धीरे-धीरे और सहजता से आगे बढ़ते रहें।
  • मार्जारियासन (कैट-काउ स्ट्रेच)
  1. बालासन (बाल आसन):
  • अपने हाथों और घुटनों के बल बैठें, अपनी कलाइयों को सीधे अपने कंधों के नीचे और अपने घुटनों को सीधे अपने कूल्हों के नीचे रखें।
  • अपने कूल्हों को एड़ियों की ओर पीछे की ओर झुकाएं, और अपनी बाहों को आगे की ओर फैलाएं।
  • अपना माथा चटाई पर टिकाएं और गहरी सांस लें।
  • कुछ देर तक सांस रोककर रखें और फिर धीरे-धीरे प्रारंभिक स्थिति में लौट आएं।
  • बालासन (बाल आसन):
  1. वृक्षासन (ट्री पोज):
  • सीधे खड़े हो जाएं, पैर एक साथ रखें और हाथ बगल में रखें।
  • अपना वजन बाएं पैर पर डालें और अपने दाहिने पैर को अपनी बाईं जांघ (या निचले पैर) पर रखें।
  • सांस अंदर लें और अपने हाथों को सिर के ऊपर उठाएं, अपने पूरे शरीर को स्ट्रेच करें।
  • कुछ देर तक सांस रोकें और फिर सांस छोड़ते हुए अपनी बाहों को ढीला छोड़ दें और शुरुआती स्थिति में लौट आएं।
  • दूसरी तरफ दोहराएं।
  • वृक्षासन (ट्री पोज):
  1. सेतु बंधासन (ब्रिज पोज़):
  • पीठ के बल लेट जाएं, घुटने मोड़ें और पैरों को चटाई पर सपाट रखें, पैरों के बीच कूल्हों जितनी दूरी रखें।
  • सांस अंदर लें और अपने कूल्हों को ऊपर उठाएं, अपने पैरों को चटाई पर दबाएं।
  • अपनी पीठ के पीछे अपनी उंगलियों को आपस में फंसाएं और अपनी बाहों को अपने पैरों की ओर फैलाएं।
  • कुछ देर तक सांस रोककर रखें और फिर धीरे-धीरे अपने कूल्हों को वापस चटाई पर ले आएं।
  • सेतु बंधासन (ब्रिज पोज़):